आदित्यपुर: चक्रवाती तूफान ‘अर्नव’ का प्रभाव अभी पूरी तरह सामने भी नहीं आया है और आदित्यपुर की बिजली व्यवस्था पहले ही जवाब देती नजर आ रही है. मंगलवार शाम करीब चार बजे से आदित्यपुर के लगभग सभी फीडरों में बिजली की लगातार आंख-मिचौली ने हजारों उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया. बार-बार बिजली आने-जाने के बीच सबसे गंभीर सवाल विभाग की तैयारियों को लेकर उठ रहा है कि जब मौसम का असली प्रकोप अभी बाकी है, तो अगले दो-तीन दिनों में बिजली व्यवस्था कैसे संभाली जाएगी ?


मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पहले से अलर्ट मोड में है. तेज हवा और भारी बारिश के दौरान बिजली के तार टूटने, खंभे गिरने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग को भी सतर्क रहने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. लेकिन बारिश और तेज हवा का व्यापक असर शुरू होने से पहले ही आदित्यपुर में बिजली आपूर्ति का लड़खड़ाना विभाग की पूर्व तैयारी पर सवाल खड़े कर रहा है.
उपभोक्ता पूछ रहे- आखिर खराबी कहां है ?
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि बार-बार बिजली कटने की वास्तविक वजह को लेकर उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है. विभागीय स्तर से भी आपूर्ति कब सामान्य होगी और किन फीडरों में क्या तकनीकी समस्या है, इसका सटीक जवाब नहीं मिलने की शिकायत सामने आ रही है.
आदित्यपुर जैसे बड़े आवासीय और औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की लगातार आंख- मिचौली केवल असुविधा का मामला नहीं है. इससे घरों के साथ व्यवसाय, छोटे उद्योग और विद्युत उपकरण भी प्रभावित होते हैं. बार- बार ट्रिपिंग होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है.
अलर्ट पहले से था, फिर तैयारी कहां है ?
यह स्थिति इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि खराब मौसम अचानक नहीं आया है. प्रशासन की ओर से पहले ही 27 से 30 अक्टूबर तक तेज हवा, गर्जन-वज्रपात और भारी बारिश की आशंका को लेकर विभागों को सतर्क किया जा चुका है. ऐसे में विद्युत विभाग से अपेक्षा थी कि फीडर, लाइन, ट्रांसफॉर्मर और संभावित फॉल्ट वाले स्थानों की पहले से जांच कर आपातकालीन व्यवस्था मजबूत रखी जाती.
अब बड़ा सवाल यही है कि जब चक्रवाती मौसम का व्यापक प्रभाव पड़ने से पहले ही बिजली व्यवस्था हांफने लगी है, तो तेज हवा और मूसलाधार बारिश के दौरान हालात क्या होंगे? बिजली विभाग को केवल फॉल्ट आने के बाद मरम्मत करने के बजाय उपभोक्ताओं को फीडरवार स्थिति और आपूर्ति बहाल होने की संभावित समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी भी देनी चाहिए.
आने वाले दो-तीन दिन आदित्यपुर की बिजली व्यवस्था और विभाग की तैयारियों की असली परीक्षा होंगे. उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर है कि विभाग चेतावनी को गंभीरता से लेकर व्यवस्था दुरुस्त करता है या बिजली की आंख-मिचौली के बीच लोगों को फिर अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है.

