आदित्यपुर: बस्ती की रहने वाली सावित्री देवी ने सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर बिल्डर सुखदेव महतो पर 10 फीट के आम रास्ते को कथित रूप से अपने निजी उपयोग में लेने और जमीन को लेकर परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है. शिकायत 26 अक्टूबर को दी गई है. महिला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है.


शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने वर्ष 2006 में लगभग 10 डिसमिल जमीन खरीदी थी. उनका दावा है कि करीब 20 वर्षों तक जमीन को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई. वर्तमान में संबंधित जमीन खाता संख्या 127(ओ), 20(एन) तथा प्लॉट संख्या 701(ओ), 1154(एन) से संबंधित बताई गई है.
सावित्री देवी का आरोप है कि बिल्डर सुखदेव महतो द्वारा जमीन की खरीद-बिक्री किए जाने के बाद से उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है, ताकि उनकी जमीन भी हासिल की जा सके. शिकायत में कुछ अन्य लोगों को कथित रूप से अपने पक्ष में करने और मामले को प्रभावित करने के प्रयास का आरोप भी लगाया गया है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
आम रास्ते की बाउंड्री तोड़कर कब्जे का आरोप
शिकायत में एक महत्वपूर्ण आरोप 10 फीट के आम रास्ते को लेकर लगाया गया है. सावित्री देवी का दावा है कि पूर्व में जमीन पर आने-जाने के लिए बनाए गए रास्ते की बाउंड्री को हटाकर सुखदेव महतो ने उसे अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. उन्होंने स्थल की मापी और राजस्व अभिलेखों के आधार पर इसकी जांच कराने की मांग की है.
महिला ने एक अन्य गंभीर सवाल बिजली कनेक्शन को लेकर भी उठाया है. शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित जमीन का उपयोग आसपास के लोगों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था और वहां बिजली विभाग का ट्रांसफॉर्मर भी लगाया गया है. उनका कहना है कि जमीन को निजी उपयोग में लिए जाने से भविष्य में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है. इसकी भी जांच की मांग की गई है.
22 पन्नों के दस्तावेज सौंपने का दावा
शिकायतकर्ता ने आवेदन के साथ जमीन से संबंधित दस्तावेजों की 22 पृष्ठों की छायाप्रति संलग्न करने की बात कही है. उन्होंने दस्तावेजों की जांच, स्थल का भौतिक सत्यापन और जमीन की मापी कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. सावित्री देवी ने आवेदन में यह भी कहा है कि वह वृद्ध महिला हैं और लगातार हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन से सुरक्षा एवं न्याय की अपेक्षा रखती हैं. आवेदन में किसी प्रकार की धोखाधड़ी, विवाद या कथित धमकी की स्थिति में प्रशासनिक मौजूदगी में कार्रवाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध भी किया गया है.
फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं. बिल्डर सुखदेव महतो का पक्ष सामने आना बाकी है. राजस्व अभिलेख, जमीन की मापी, रास्ते की वास्तविक प्रकृति और संबंधित दस्तावेजों की प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में शिकायतकर्ता को इंसाफ मिलेगा या आवेदन सरकारी टेबलों का चक्कर काटते- काटते दब जायेगा.

