नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार आम बजट पेश कर नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट विकसित भारत के विजन पर केंद्रित बताया गया है. बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने लोकलुभावनवाद से ऊपर उठकर आम नागरिकों को प्राथमिकता दी है.

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत किया गया है. जरूरी आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं ताकि हर सरकारी पहल का सीधा लाभ नागरिकों तक पहुंचे.
सरकार ने रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, परिवारों की क्रय शक्ति मजबूत करने और यूनिवर्सल सर्विस डिलीवरी को प्राथमिकता देने की बात कही है. करीब 7 प्रतिशत की विकास दर का लक्ष्य दोहराते हुए गरीबी उन्मूलन और जीवन स्तर सुधार पर जोर दिया गया है.
बजट में तीन प्रमुख कर्तव्यों को रेखांकित किया गया है. पहला, वैश्विक अस्थिरता के बीच आर्थिक विकास को तेज और स्थिर रखना. दूसरा, लोगों की उम्मीदों को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास करना. तीसरा, हर परिवार और क्षेत्र को संसाधनों व अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना.
*बजट के प्रमुख ऐलान इस प्रकार हैं*
देश को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल रिसर्च साइट्स स्थापित की जाएंगी, जहां वैज्ञानिक परीक्षण और समीक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी.
सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने के लिए घरेलू उत्पादन, इंडियन आईपी और सप्लाई चेन को मजबूत करने की नई योजनाएं लाई जाएंगी. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड मिनरल पार्क स्थापित किए जाएंगे. हाई प्रिसिजन कंपोनेंट्स निर्माण के लिए दो हाई-टेक टूल रूम बनाए जाएंगे. एसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जाएगा. टेक्सटाइल सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट योजना लागू की जाएगी. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत पश्चिम बंगाल के डानकुनी से सूरत तक पोर्ट कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी. आंतरिक जलमार्ग को बढ़ावा देते हुए वाराणसी और पटना को वाटरवेज हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे. लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए ट्रांजैक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम लागू होगा. एसेट बेस्ड सिक्योरिटी सिस्टम और क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा. जीईएम प्लेटफॉर्म को ट्रेड से जोड़ा जाएगा. देश में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई है, जिससे प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा. विकसित भारत लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हाई लेवल बैंकिंग कमेटी का गठन किया जाएगा. सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड के माध्यम से माइक्रो एंटरप्राइजेज को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सुधारों के जरिए अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

