जामताड़ा: महाविद्यालय में सेमेस्टर-7 की परीक्षा के दौरान शैक्षणिक व्यवस्था और परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे सवालों का मामला अब प्रशासन तक पहुंच गया है. मंगलवार को ‘GPT से चिट तैयार, कॉलेज प्रशासन बेखबर ! जामताड़ा कॉलेज की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए सिविल एसडीओ अनंत कुमार ने मामले की जांच कराने की बात कही है.


समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया है. एसडीओ ने कहा कि महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान कथित रूप से छोटे अक्षरों में तैयार प्रश्नोत्तर के प्रिंटआउट के इस्तेमाल की तैयारी और विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी नहीं कराए जाने से संबंधित शिकायतों की जांच कराई जाएगी. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि जामताड़ा महाविद्यालय में सेमेस्टर-7 की परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने निर्धारित पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने और पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराए जाने की शिकायत की थी. वहीं, कुछ छात्रों की बातचीत में पीडीएफ फाइलों से GPT के माध्यम से प्रश्नोत्तर तैयार कर छोटे अक्षरों में प्रिंट कराने की बात सामने आई थी. इस मामले को लेकर परीक्षा नियंत्रक डॉ एसएन बंद्योपाध्याय और प्राचार्य कौशल कुमार से भी सवाल किए गए थे. दोनों ने महाविद्यालय में कदाचार की जानकारी से इनकार किया था.
अब एसडीओ के संज्ञान लेने के बाद महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा संचालन और निगरानी व्यवस्था पर प्रशासनिक जांच की उम्मीद बढ़ गई है.
विद्यार्थियों और अभिभावकों की निगाहें अब जांच पर टिकी हैं. सवाल यह है कि आखिर पाठ्यक्रम अधूरा रहने और परीक्षा में कथित अनुचित सामग्री की तैयारी के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है ? खबर के असर से अब यह मामला केवल महाविद्यालय प्रशासन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक जांच के दायरे में पहुंच गया है.
मनीष बरनवाल

