जामताड़ा: जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कठबरारी के प्रभारी प्रधानाध्यापक को कथित तौर पर कार्यालय में बंद कर पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है. प्रभारी प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर कठबरारी निवासी मनीर अंसारी और रियल मोशन न्यूज से जुड़े सिराज अंसारी के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
एसपी को दिए आवेदन में धर्मेंद्र कुमार ने बताया है कि वह वर्ष 2019 से विद्यालय में पदस्थापित हैं. उनका आरोप है कि 21 सितंबर को सुबह करीब 11:30 बजे वह विद्यालय के कार्यालय में काम कर रहे थे. इसी दौरान मनीर अंसारी और सिराज अंसारी कार्यालय में पहुंचे और रसोइया की नियुक्ति को लेकर उनसे विवाद करने लगे.
गला दबाने और मोबाइल छीनने का भी आरोप
प्रधानाध्यापक का आरोप है कि उन्होंने दोनों को बताया कि रसोइया की नियुक्ति में उनकी व्यक्तिगत भूमिका नहीं है और नियुक्ति सक्षम पदाधिकारी के अनुमोदन के आधार पर हुई है. इसके बावजूद उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई.
शिकायत में धर्मेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान उनका गला दबाया गया और मोबाइल फोन छीन लिया गया. इसके बाद उन्हें विद्यालय के कार्यालय में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में काम करने देने के एवज में उनसे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई.
शोर मचाने पर ग्रामीणों को लगी भनक
प्रधानाध्यापक के मुताबिक कार्यालय में बंद किए जाने के बाद उन्होंने शोर मचाया. आवाज सुनने के बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई और इसकी सूचना मुखिया को दी गई. इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई. शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस के पहुंचने के बाद उन्हें कार्यालय से बाहर निकाला गया.
धर्मेंद्र कुमार ने घटना के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने एसपी से पूरे मामले की जांच, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है. आवेदन की प्रतिलिपि करमाटांड़-विद्यासागर थाना प्रभारी को भी दी गई है. फिलहाल ये सभी आरोप प्रधानाध्यापक द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन पर आधारित हैं. मामले में प्राथमिकी दर्ज होने अथवा आरोपों की पुष्टि की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. आरोपित पक्ष का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है. पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

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