
जामताड़ा: नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के 90 दिवसीय विशेष अभियान के तहत मंगलवार को जामताड़ा स्थित बाल गृह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देना था.


कार्यक्रम की शुरुआत डीएलएसए जामताड़ा के सचिव पवन कुमार ने की. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को जन्म के साथ ही जीवन, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समुचित विकास का अधिकार प्राप्त होता है. उन्होंने बताया कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए टीकाकरण, पौष्टिक आहार, स्वच्छ पेयजल और मानसिक विकास जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करना समाज और सरकार की जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निःशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है. साथ ही बच्चों को शोषण, हिंसा, दुर्व्यवहार और उपेक्षा से संरक्षण देने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान लागू हैं.
पवन कुमार ने स्पष्ट किया कि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों से फैक्ट्री, दुकान या अन्य स्थानों पर श्रम कराना कानूनन प्रतिबंधित है. यदि कोई व्यक्ति या संस्था बाल श्रम कराते हुए पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने किसी भी प्रकार की सहायता के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा डीएलएसए जामताड़ा से संपर्क करने की अपील की.
कार्यक्रम में एलएडीसी की सहायक अधिवक्ता सरिता बर्मन ने भी बच्चों को उनके अधिकारों और शिक्षा से जुड़ी सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के शैक्षणिक और सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं. इस अवसर पर बाल गृह अधीक्षक सुधीर गोस्वामी, हाउस फादर विनोद कुमार सिंह, अधिकार मित्र मेघा गुप्ता तथा रोपना मंडल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल






