जामताड़ा/ Manish Baranwal उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में चतुर्थ त्रैमासिक जिला स्तरीय समीक्षा समिति सह जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसी/डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई.

समीक्षा के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेफ्टी, पीएम सूर्य घर योजना, सीडी रेश्यो (ऋण-जमा अनुपात), एनुअल क्रेडिट प्लान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन योजना, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, मुद्रा लोन, पीएमएफएमई, पीएम स्वनिधि सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई.
उपायुक्त ने सीडी रेश्यो की समीक्षा करते हुए दिसंबर तिमाही में 9 बैंकों के खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में जामताड़ा का सीडी रेश्यो सबसे कम है, जो चिंताजनक है. खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों को सुधार के सख्त निर्देश दिए गए.
उन्होंने एक्सिस बैंक के खराब प्रदर्शन पर विशेष नाराजगी जताते हुए सरकारी खातों और राशि को हटाने का निर्देश दिया. साथ ही अन्य बैंकों को भी चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में एनुअल क्रेडिट प्लान की समीक्षा करते हुए बैंकों को शिक्षा और सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत अधिक ऋण वितरण पर फोकस करने का निर्देश दिया गया. एलडीएम द्वारा बताया गया कि कई ऋण अन्य जिलों में उपयोग हो रहे हैं, जिससे जिले का सीडी रेश्यो प्रभावित हो रहा है.
उपायुक्त ने पीएमएफएमई योजना के तहत कम स्वीकृति दर पर भी नाराजगी जताई. 366 आवेदनों में से मात्र 37 स्वीकृत होने पर उन्होंने बैंकों के ढुलमुल रवैए की आलोचना की और कहा कि बिना सक्रिय भागीदारी के सुधार संभव नहीं है. इसके अलावा उन्होंने बैंकों को डिजिटल जागरूकता बढ़ाने, पीएम सूर्य घर योजना का प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लाभुकों को जोड़ने के निर्देश दिए. साथ ही लाभुकों के खातों में आने वाली राशि में किसी प्रकार की कटौती या अनावश्यक होल्ड नहीं करने की सख्त हिदायत दी. मुद्रा लोन के तहत शिशु, किशोर और तरुण श्रेणी की समीक्षा करते हुए उन्होंने ऋण को क्रमशः उन्नत करने पर जोर दिया. साथ ही केसीसी, पीएम स्वनिधि, एसबीआई आरसेटी सहित अन्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिशा- निर्देश जारी किए गए.
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, एलडीएम, आरबीआई और नाबार्ड के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे.

