जामताड़ा/ Manish Baranwal प्रशासन की सजगता और त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग की शादी रुकवा दी गई. मामला नारायणपुर प्रखंड के मदनाडीह पंचायत अंतर्गत तेतलियाटांड़ गांव का है, जहां रविवार को प्रस्तावित बाल विवाह को रोक दिया गया.

सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी देवराज गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर विवाह रुकवाया. इस कार्रवाई से नाबालिग लड़की का भविष्य सुरक्षित हो सका.
अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को चेतावनी दी कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि माता-पिता के साथ-साथ शादी में शामिल होने वाले लोग और वर पक्ष भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं. प्रशासन की सख्ती के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और शादी रोकने पर सहमति जताई. अधिकारियों ने बताया कि कम उम्र में विवाह से लड़कियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है.
यह नारायणपुर प्रखंड में इस माह की दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले 7 अप्रैल को भी एक बाल विवाह रुकवाया गया था. बाल संरक्षण अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में अब तक 19 बाल विवाह के मामले सामने आ चुके हैं. प्रशासन द्वारा लगातार गांव- गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि इस सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सके. अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि बाल विवाह, बाल श्रम या बाल शोषण से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं. इस कार्रवाई में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर प्रवेश कुमारी दास, कनीय अभियंता रवि उरांव और पंचायत सचिव दिलीप मंडल भी मौजूद रहे.

