जमशेदपुर: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय, जमशेदपुर में पीएस. केस संख्या 93/2024 में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है. अदालत ने आरोपी सौरभ मंडल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया.

यह मामला शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप से जुड़ा था, जिसमें 29 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष के बयानों में कई गंभीर विरोधाभास सामने आए. विशेष रूप से घटना स्थल को लेकर अलग- अलग जानकारी दी गई. प्रारंभिक शिकायत में घटना स्थल गोविंदपुर, राजनगर बताया गया, जबकि एफआईआर में बागबेड़ा का उल्लेख किया गया था. इन विरोधाभासों को अदालत ने गंभीरता से लिया.
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि सूचक/ पीड़िता की आयु 19 वर्ष और अभियुक्त की आयु 18 वर्ष थी. इससे मामले की परिस्थितियों पर भी सवाल खड़े हुए. न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा. इसके आधार पर अदालत ने सौरभ मंडल को बरी करने का आदेश दिया. मामले में अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता स्वाति मित्रा ने प्रभावी पैरवी की.

