सरायकेला: आगामी 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस और 27 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में प्रस्तावित ग्राम सभा महासभा की तैयारियों को लेकर बुधवार को कुचाई स्थित मुंडा- मानकी सभागार में विभिन्न आदिवासी एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सुखराम मुंडा ने की.



बैठक में आदिवासी सामाजिक मंच, ग्राम सभा मंच, मानकी-मुंडा संघ, आदिवासी हो महासभा, आदिवासी एकता मंच, झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन, सामुदायिक वन पालन समिति समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस दौरान 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाने तथा 27 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में ग्राम सभा मंच, झारखंड के नेतृत्व में आयोजित होने वाली आमसभा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक को संबोधित करते हुए सोहन लाल कुम्हार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस आदिवासी सामाजिक मंच के नेतृत्व में एकजुट होकर मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर आदिवासी समाज के संवैधानिक एवं पारंपरिक अधिकारों पर गंभीर मंथन होना आवश्यक है.
बैठक में बताया गया कि 27 अक्टूबर 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित प्रस्तावित आमसभा में राज्य की करीब तीन से चार हजार ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में मुंडा-मानकी, रैयत, वनाश्रित एवं आम लोग शामिल होंगे. इस दौरान वनाधिकार कानून-2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधनों पर अधिकार पत्र, पेसा नियमावली, ग्राम सभा के अधिकार, दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य के इको सेंसिटिव जोन तथा मुंडारी खूंटकट्टी ग्रामों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया.
अशोक मानकी ने कहा कि 9 अगस्त केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इस दिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा आदिवासियों को दिए गए अधिकारों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की जानी चाहिए. वहीं लुबुराम सोय ने सभी आदिवासी संगठनों से एक मंच पर आकर आदिवासी दिवस मनाने की अपील की.
अध्यक्षता कर रहे सुखराम मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी संगठनों की एकजुटता जरूरी है. वहीं मंगल सिंह मुंडा ने कहा कि कुचाई में अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस गैर-राजनीतिक स्वरूप में एक मंच से मनाया जाना चाहिए.
बैठक में आगामी 28 जुलाई को मुंडा-मानकी सभागार में तैयारी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में मुख्य रूप से मानकी मुंडा, मांगी लाल सुम्बुई, सुनिल सोय, भरत सिंह मुंडा, कुण्डिया सोय, दुखु मुंडा, मनोज मुदुईया सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.





