चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनिष कुमार ने शनिवार को सोनुआ प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता तथा बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया.


निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और कक्षों का भ्रमण किया तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया. उन्होंने दवा भंडार का विशेष रूप से निरीक्षण करते हुए जीवन रक्षक दवाओं के स्टॉक की जानकारी ली. इसमें एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वेनम और टिटनेस टॉक्साइड जैसी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई.
उपायुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से केंद्र में स्वीकृत पदों और वर्तमान में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता तथा कमी के संबंध में जानकारी प्राप्त की. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए.

निरीक्षण के दौरान जिला सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, चक्रधरपुर की अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, सोनुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ उरांव, अंचल अधिकारी अनुज टेटे, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. देवी प्रसाद हांसदा तथा चिकित्सक डॉ. राजकुमार मरांडी मुख्य रूप से उपस्थित थे. अधिकारियों ने मौके पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी दी तथा आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर चर्चा की.
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रसूति वार्ड का भी निरीक्षण किया और वहां भर्ती मरीजों को मिलने वाली भोजन व्यवस्था की जानकारी ली. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराई जाएं.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक



