सरायकेला: गयाजी में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने की इच्छा रखने वाले कोल्हान के श्रद्धालुओं के लिए आदित्यपुर के पंडित पप्पु पांडे ने विशेष पहल की है. उन्होंने दावा किया है कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक खर्च और परेशानियों से बचाते हुए रियायती दर पर पिंडदान के कर्मकांड के साथ रहने और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी.


बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इस वर्ष गयाजी में पितृपक्ष मेला 26 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवास, स्वास्थ्य, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी जारी की है.
आदित्यपुर पीएचडी कॉलोनी स्थित शिव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित पप्पु पांडे ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के दौरान गयाजी जाकर कोल्हान सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं का विधि-विधान से पिंडदान कराते हैं. उनके मुताबिक हर साल सैकड़ों श्रद्धालु उनके संपर्क में आते हैं. इस बार भी उन्होंने कोल्हान क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की है.
पंडित पप्पु पांडे का कहना है कि पहली बार गयाजी पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं को वहां की व्यवस्था और कर्मकांड की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी होती है और कई बार अनावश्यक खर्च भी उठाना पड़ता है. इसे देखते हुए पिंडदान, पूजा सामग्री, कर्मकांड, भोजन और ठहरने की व्यवस्था एक साथ रियायती दर पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. इच्छुक श्रद्धालु उनके मोबाइल नंबर 6205863012 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

गयाजी में पिंडदान का विशेष धार्मिक महत्व
हिंदू धार्मिक मान्यताओं में पितृपक्ष के दौरान गयाजी में पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व माना गया है. बिहार पर्यटन विभाग के अनुसार गयाजी में फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पिंडदान से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल हैं. पौराणिक मान्यता भगवान श्रीराम द्वारा अपने पिता राजा दशरथ के लिए गयाजी में पिंडदान करने से भी जुड़ी हुई है.
पंडित पप्पु पांडे ने कोल्हान के श्रद्धालुओं से कहा है कि जो लोग इस वर्ष पितृपक्ष में अपने पूर्वजों का पिंडदान करना चाहते हैं, वे यात्रा से पहले संपर्क कर व्यवस्था की पूरी जानकारी ले सकते हैं, ताकि गयाजी पहुंचने के बाद उन्हें कर्मकांड, ठहरने और भोजन को लेकर परेशान न होना पड़े.

