सरायकेला: आदित्यपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ गई. नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में नवनिर्मित कैथ लैब का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फीता काटकर किया. कैथ लैब शुरू होने के बाद अब संस्थान में हृदय रोग से संबंधित जांच और इंटरवेंशनल कार्डियक उपचार की दिशा में सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा.


उद्घाटन समारोह में सरायकेला- खरसावां के उपायुक्त नितीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह, प्राचार्य प्रो. डॉ. केदार नाथ सिंह, डॉ. केएम सिन्हा, मृत्युंजय झा, केके सिंह सहित कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सक, कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

राज्यपाल के पहुंचने पर चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया. इसके बाद राज्यपाल ने कैथ लैब का उद्घाटन किया और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली.
राज्यपाल ने की संस्थान के प्रयासों की सराहना
इस मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने संस्थान द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने चेयरमैन मदन मोहन सिंह के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कम समय में मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने जिस तरह अपनी सुविधाओं का विस्तार किया है, वह सराहनीय है. उन्होंने संस्थान से जुड़े चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं.

गौरतलब है कि आदित्यपुर स्थित यह संस्थान नया मेडिकल कॉलेज है. नेशनल मेडिकल कमीशन की मौजूदा सूची के मुताबिक नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सरायकेला को 2025 में 100 MBBS सीटों के साथ नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति मिली थी. संस्थान नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और निजी श्रेणी में दर्ज है. झारखंड की राज्य स्तरीय मेडिकल काउंसलिंग में भी 2025 से इस कॉलेज की MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया हुई.

800 से अधिक बेड का अस्पताल, अब हृदय रोग उपचार की दिशा में बढ़ा कदम
जानकारी के मुताबिक इसकी स्थापना वर्ष 2024 में हुई और इसकी क्षमता 800 से अधिक बेड की है. यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा के साथ ICU, ICCU, NICU और PICU मिलाकर 30 क्रिटिकल केयर बेड उपलब्ध होने का उल्लेख है. अस्पताल आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से भी सूचीबद्ध है.

संस्थान में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, रेडियोलॉजी, नेत्र रोग, ENT, त्वचा रोग, मनोचिकित्सा और अन्य विभाग संचालित हैं. संस्थान के अनुसार यहां 300 से अधिक फैकल्टी एवं डॉक्टर जुड़े हुए हैं और सोमवार से शनिवार सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक नि:शुल्क OPD की व्यवस्था भी है. इसी कड़ी में कैथ लैब की शुरुआत को हृदय रोग चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सामान्य तौर पर कैथ लैब में कोरोनरी एंजियोग्राफी और जरूरत के अनुसार एंजियोप्लास्टी जैसी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाएं की जाती हैं.

मदन मोहन सिंह बोले- जो वादा किया था, वह अब मूर्त रूप ले रहा
मीडिया से बातचीत में संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल को लेकर जो वादा किया गया था, वह अब मूर्त रूप ले चुका है. उनका प्रयास है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं लोगों को रियायती दर पर उपलब्ध हों. उन्होंने कहा, “अब हृदय रोग से संबंधित मरीजों के इलाज की दिशा में भी अस्पताल ने बड़ा कदम बढ़ाया है. हमारे चिकित्सक लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल मेडिकल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कोल्हान और आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना भी है. अस्पताल की आधिकारिक जानकारी भी इसे सरायकेला- खरसावां के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के साथ जमशेदपुर की शहरी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले संस्थान के रूप में प्रस्तुत करती है.
अब टाटा-रांची NH पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर नजर
चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने समूह की भावी योजना की जानकारी देते हुए कहा कि अगला बड़ा कदम टाटा-रांची नेशनल हाईवे पर तैयार हो रहे मेडिकल कॉलेज अस्पताल को शुरू करना है. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में वहां भी अस्पताल अस्तित्व में आ जाएगा.
उल्लेखनीय है कि नेताजी सुभाष समूह शिक्षा के क्षेत्र में पहले से सक्रिय है और आदित्यपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में इसका विस्तार हुआ है. फिलहाल आदित्यपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS की 100 सीटें हैं. कैथ लैब की शुरुआत के साथ संस्थान ने अब सुपर-स्पेशियलिटी प्रकृति की हृदय रोग सेवाओं की दिशा में भी कदम बढ़ाया है. इस नई सुविधा से सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि आदित्यपुर, सरायकेला- खरसावां और आसपास के क्षेत्रों के हृदय रोगियों को जांच और उपचार के लिए दूर के बड़े चिकित्सा केंद्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

