गम्हरिया: छोटा गम्हरिया स्थित वाणी विद्या मंदिर स्कूल मैदान में कई वर्षों के लंबे अंतराल के बाद श्रावणी मेला मीणा बाजार का आयोजन हुआ. शुक्रवार को आयोजित मेले का उद्घाटन सरायकेला- खरसावां के शिक्षाविद और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता प्रो. कालीपद सोरेन उर्फ के.पी. सोरेन ने फीता काटकर किया. आयोजनकर्ता सूरज लाल महतो उर्फ लकड़ू महतो ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया.



उद्घाटन के बाद प्रो. के.पी. सोरेन ने मेला परिसर का भ्रमण किया और विभिन्न दुकानों, झूलों तथा मनोरंजन के अन्य साधनों का जायजा लिया. उन्होंने मेले में पहुंचे ग्रामीणों और दुकानदारों से भी मुलाकात की तथा आयोजन की सराहना की.

मेले के आयोजन से लंबे समय बाद गम्हरिया में एक बार फिर पारंपरिक मेले की रौनक देखने को मिली. आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ मेला घूमने पहुंचे. शाम ढलते ही मेला परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और देखते ही देखते पूरा मैदान बच्चों की खिलखिलाहट और ग्रामीणों की चहल-पहल से गुलजार हो गया.

मेले में लगे रंग-बिरंगे झूले और मनोरंजन के विभिन्न साधन बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे. खिलौनों की दुकानें, खान-पान के स्टॉल और अन्य सामान की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी गई. बच्चों ने झूलों का आनंद लिया, वहीं परिवार के लोगों ने मेले में खरीदारी करने के साथ विभिन्न व्यंजनों का स्वाद भी चखा.
आयोजन में सुखलाल महतो, वरिष्ठ नेता जगदीश नारायण चौबे, वाणी विद्या मंदिर स्कूल के अध्यक्ष इंद्रजीत महतो, चंपई मंडल, विपेन्द्र राय, शिवराम पान और श्याम महतो सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
आयोजनकर्ता सूरज लाल महतो उर्फ लकड़ू महतो ने कहा कि कई वर्षों बाद गम्हरिया में श्रावणी मेला आयोजित होने से स्थानीय लोगों को मनोरंजन के साथ आपसी मेलजोल का अवसर मिला है. उन्होंने मेले में पहुंचे ग्रामीणों, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस मेले ने गम्हरिया में सिर्फ मनोरंजन का माहौल ही नहीं बनाया, बल्कि लोगों को पुराने दिनों की मेले वाली सामुदायिक संस्कृति से भी जोड़ा. बच्चों की खुशी और ग्रामीणों की भीड़ ने आयोजन को खास बना दिया. देर शाम तक मेला परिसर लोगों की आवाजाही से गुलजार रहा.
Edited By Indrakant





