देवघर: श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ से पहले पूर्व रेलवे ने जसीडीह रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के जसीडीह स्टेशन से होकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है.



शनिवार को पूर्व रेलवे के महानिरीक्षक (आईजी) रेलवे सुरक्षा बल ए.एन. सिन्हा ने आसनसोल मंडल के वरिष्ठ मंडलीय सुरक्षा आयुक्त के साथ जसीडीह रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने यात्री होल्डिंग एरिया, स्टेशन परिसर, फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), प्रवेश एवं निकास द्वार तथा आरपीएफ पोस्ट का निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को मेला अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.
निरीक्षण के दौरान नव विकसित यात्री होल्डिंग एरिया का विशेष रूप से अवलोकन किया गया. इस होल्डिंग एरिया का निर्माण श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने, स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़भाड़ रोकने तथा यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव कम होगा और ट्रेनों में यात्रियों की आवाजाही अधिक सुव्यवस्थित तरीके से हो सकेगी.

आईजी ए.एन. सिन्हा ने स्टेशन पर लगाए गए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया. यह अत्याधुनिक प्रणाली अपराधियों और वांछित व्यक्तियों के डेटाबेस से जुड़ी हुई है. जैसे ही कोई संदिग्ध व्यक्ति कैमरे की निगरानी में आएगा, सिस्टम तत्काल रियल-टाइम अलर्ट जारी करेगा, जिससे आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी. रेलवे का मानना है कि इस तकनीक से स्टेशन की सुरक्षा पहले की तुलना में और अधिक मजबूत होगी.
निरीक्षण के दौरान निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा बलों की तैनाती, भीड़ नियंत्रण की रणनीति तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी समीक्षा की गई. इसके अलावा रेलवे, जीआरपी, स्थानीय पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेला अवधि के दौरान बेहतर तालमेल और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई.
सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए आईजी ए.एन. सिन्हा ने आरपीएफ अधिकारियों एवं जवानों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए. उन्होंने मेला स्पेशल ट्रेनों में पर्याप्त सुरक्षा एस्कॉर्ट की तैनाती, हेल्प डेस्क के प्रभावी संचालन, संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी तथा असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही श्रद्धालुओं के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया.
पूर्व रेलवे ने बताया कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था की गई है. रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें तथा यात्रा के दौरान रेलवे प्रशासन का सहयोग करें.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





