
जामताड़ा: चित्तरंजन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की बड़ी लापरवाही सामने आई है. प्लेटफॉर्म संख्या-2 और 3 पर पैदल ऊपरी पुल के पास स्थित यात्री शेड में लगी एक स्टील चेयर पूरी तरह जर्जर और असुरक्षित हालत में मिली. चेयर के सभी 12 नट-बोल्ट गायब थे, जिससे वह किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी.


गुरुवार सुबह यह लापरवाही तब उजागर हुई, जब दुमका- रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने पहुंचे एक यात्री ने प्रतीक्षा के दौरान चेयर पर बैठने का प्रयास किया. बैठते ही चेयर अचानक पीछे की ओर झुक गई और पलटने लगी. हालांकि यात्री ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को संभाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि इस चेयर पर कोई बुजुर्ग, महिला या बच्चा बैठा होता, तो गंभीर चोट लग सकती थी. घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में रेलवे की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखने को मिली.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की नियमित जांच और रखरखाव नहीं किया जा रहा है. इसी लापरवाही के कारण ऐसी खतरनाक स्थिति उत्पन्न हुई है, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि केवल इस चेयर की मरम्मत ही नहीं, बल्कि पूरे स्टेशन परिसर में लगी सभी कुर्सियों और यात्री सुविधाओं का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चित्तरंजन स्टेशन प्रबंधक अशोक शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग को तत्काल मरम्मत के निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि खराब चेयर को जल्द दुरुस्त कर यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा.
फिलहाल यह घटना रेलवे स्टेशन पर रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है. यात्रियों का कहना है कि रेलवे को केवल ट्रेनों के संचालन पर ही नहीं, बल्कि स्टेशन पर उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल


