सरायकेला: स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के लंबित पुनर्वास मामलों को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है. इसी क्रम में संयुक्त सचिव-सह-अपर निदेशक (भू-अर्जन एवं पुनर्वास) आदित्यपुर, जमशेदपुर गौतम कुमार भगत ने बुधवार को चांडिल डैम क्षेत्र का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.



निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव ने बताया कि स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत कई ऐसे विस्थापित परिवार हैं, जिन्हें अब तक पुनर्वास योजना का पूरा लाभ नहीं मिल सका है. ऐसे सभी मामलों की चरणबद्ध तरीके से जांच कराई जा रही है.
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आरएल-171 से आरएल-180 तक के प्रभावित लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके साथ ही उनके दस्तावेजों की भी विस्तृत जांच होगी, ताकि वास्तविक पात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित की जा सके.
गौतम कुमार भगत ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत प्रतिवेदन राज्य सरकार को भेजा जाएगा. सरकार से आवश्यक राशि की स्वीकृति मिलने के बाद पात्र विस्थापितों को पुनर्वास योजना के तहत देय लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र विस्थापित पुनर्वास के अधिकार से वंचित न रहे. इसी उद्देश्य से पुराने लंबित मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और सभी दावों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सत्यापन किया जाएगा.
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों को सभी आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन शीघ्र पूरा करने तथा पात्र लाभुकों का विवरण निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. प्रशासन की इस पहल से चांडिल डैम परियोजना से प्रभावित परिवारों में लंबे समय से लंबित पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जगी है.
रिपोर्ट: विकास ठाकुर





