चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन और मानकी-मुंडा के बीच हमेशा से मजबूत और परस्पर संबंध रहा है. इसी कारण कोल्हान क्षेत्र विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध का मूल उद्देश्य आदिवासियों का समग्र विकास करना और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच मधुर संबंध स्थापित करना है.

डीसी ने हाल के दिनों में फैली गलतफहमियों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मानकी और मुंडा राजस्व प्रणाली के महत्वपूर्ण अंग हैं और वंशावली जारी करने की परंपरा इन्हीं से जुड़ी रहेगी. जहां मुंडा अनुपलब्ध होंगे, वहां मानकी द्वारा वंशावली निर्गत की जाएगी और यदि दोनों अनुपलब्ध हों तो परंपरागत विकल्प लागू होंगे.
उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में रिक्त पड़े मुंडा-मानकी पदों पर ग्राम सभा के माध्यम से नियुक्तियां की गई हैं और शेष पदों पर भी शीघ्र कार्रवाई होगी. किसी मानकी या मुंडा के खिलाफ शिकायत मिलने पर केवल जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी. डीसी ने कहा कि अब तक किसी मानकी-मुंडा को पद से नहीं हटाया गया है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें असत्य हैं. असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
डीसी चंदन कुमार ने यह भी कहा कि हुकुकनामा और विल्किन्सन रूल्स की जानकारी के लिए प्रशासन द्वारा नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि ग्रामीण और मानकी-मुंडा अपने अधिकारों और दायित्वों को समझ सकें. उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र में सुदृढ़ सुशासन व्यवस्था बनाए रखने में मानकी-मुंडा का योगदान अमूल्य है और प्रशासन उनका सम्मान करता है.

