चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित गुदड़ी प्रखंड अंतर्गत बिरकेल पंचायत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को ‘बाल श्रम मुक्त क्षेत्र’ के रूप में स्थापित किया है. इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में पंचायत भवन में एस्पायर संस्था द्वारा भव्य समारोह आयोजित किया गया.

कार्यक्रम का उद्घाटन सुनीता लुगुन, सामी भेंगरा, कुंवारी बरजो, सुदर्शन मिंज और फ्रांसिस जेवियर खेसरा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर किया. समारोह में एस्पायर संस्था के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर धर्म देव गोप ने बताया कि पंचायत को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाई गई. डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया गया, जो स्कूल से बाहर थे. साथ ही बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी नजर रखी जा रही है.

बाल अधिकार सुरक्षा मंच के सचिव फ्रांसिस जेवियर खेसरा ने कहा कि अब पंचायत के सभी बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ चुके हैं. उन्होंने बाल श्रम, बाल विवाह और बाल पलायन को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प दोहराया.
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मजदूरी में न लगाकर नियमित रूप से स्कूल भेजें. उन्होंने कहा कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य ही क्षेत्र के समग्र विकास की आधारशिला है.
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, शिक्षक एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. यह पहल न केवल गुदड़ी प्रखंड बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है.

