चाईबासा: खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने निर्णायक आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है. झामुमो पश्चिमी सिंहभूम जिला समिति की विशेष बैठक रविवार को डोबरोसाई, चाईबासा स्थित सनसाईन रेस्टोरेंट के सभागार में जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्यक्षता में हुई. बैठक में विधेयक के संभावित प्रभावों पर चर्चा करते हुए बड़े जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया.


जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक राज्यों को वित्तीय रूप से कमजोर करने वाला है और झारखंड के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे पर लंबी और निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है. पार्टी नेतृत्व की ओर से जो भी आंदोलनात्मक कार्यक्रम तय किया जाएगा, उसे पश्चिमी सिंहभूम में पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतारा जाएगा.
मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि यह विधेयक देश के संघीय ढांचे और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाला है. उन्होंने दावा किया कि झारखंड की गैर-कर राजस्व आय का बड़ा हिस्सा खनन क्षेत्र से आता है और विधेयक लागू होने पर राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. इसका असर मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सर्वजन पेंशन, बिजली बिल माफी, कृषि ऋण माफी, फसल राहत, असाध्य रोग सहायता और गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं पर पड़ने की आशंका उन्होंने जताई.
दीपक बिरुवा ने कहा कि झामुमो केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इस विधेयक के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ेगा. उन्होंने कहा कि राज्य के संवैधानिक अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा.
बैठक में सिंहभूम सांसद जोबा माझी, मंत्री दीपक बिरुवा, विधायक निरल पुरती, सुखराम उरांव, जगत माझी, नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, सन्नी उरांव समेत केंद्रीय समिति के सदस्य, जिला पदाधिकारी, वर्ग संगठनों के अध्यक्ष-सचिव, सोशल मीडिया टीम के सदस्य तथा प्रखंड और नगर समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में आंदोलन को गांव स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई. निर्णय लिया गया कि प्रखंड और पंचायत समितियों की जिम्मेदारी तय कर ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत गांवों में बैठकें आयोजित कर लोगों को प्रस्तावित विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी दी जाएगी और आंदोलन में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
झामुमो नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा से राज्य और यहां के लोगों को मिलने वाले लाभ तथा राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा. बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को पूरी ताकत से सफल बनाने का संकल्प लिया.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक

