इसे अपने सभी मित्रों और परिवार के साथ साझा करें...
सरायकेला: रविवार को प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर सरायकेला में राजनीतिक माहौल गरमा गया. छात्र संघ की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया जाना था. छात्र जैसे ही पुतला लेकर गैरेज चौक की ओर बढ़े, सरायकेला थाना पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. पुलिस ने छात्रों के हाथ से पुतला लेकर अपने कब्जे में ले लिया.
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.46.41
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.47.58
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.28
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.32 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.33 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.33
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.13.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.37.51
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.38.23
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.39.53
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.41.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.41.22
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.42.40 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.42.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.41 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.42
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (4)
[smartslider3 slider="7"]
विज्ञापन
प्रशासन की कार्रवाई से नाराज छात्र और जेएलकेएम कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए. जेएलकेएम के केंद्रीय महासचिव बृजेश्वर महतो के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया. इसमें जेएलकेएम प्रत्याशी प्रेम मार्डी समेत बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए. मार्च के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
पुलिस और छात्रों के बीच कुछ देर तक बातचीत भी हुई. प्रशासन की ओर से बताया गया कि बिना अनुमति पुतला दहन और प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी. इसी वजह से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई.
पुतला जब्त किए जाने के बाद छात्रों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया. छात्रों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के अधिकार को रोका जाना उचित नहीं है. इसके बाद छात्रों और जेएलकेएम कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च के जरिए अपना आक्रोश जाहिर किया.
मार्च सरायकेला नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए गैरेज चौक पहुंचा. इस दौरान राजनीतिक नारों से शहर का माहौल गरम रहा. जेएलकेएम नेताओं ने सरकार पर छात्र हितों और जन मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
नेताओं ने कहा कि विरोध की आवाज को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाया नहीं जा सकता. यदि सरकार उनकी मांगों और मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्र सड़क से लेकर लोकतांत्रिक मंच तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे.
पुतला दहन का कार्यक्रम नहीं हो सका, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई के बाद निकले विरोध मार्च ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया. रविवार को सरायकेला में यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना रहा. छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है. मौके पर जेएलकेएम के केंद्रीय महासचिव बृजेश्वर महतो, जेएलकेएम प्रत्याशी प्रेम मार्डी सहित दर्जनों छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.