
बोकारो: अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त (डीसी) और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर डीपीएलआर कार्यालय के समक्ष उनका सांकेतिक अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया. हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई.


प्रदर्शन के दौरान विस्थापितों और पुलिस के बीच अधिकारियों की प्रतीकात्मक अर्थी को लेकर छीना-झपटी भी हुई. कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा. हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अरुण महतो ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के नाम पर केवल जांच समितियां गठित की जा रही हैं. लेकिन रिपोर्ट आने के बाद भी किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि इससे विस्थापित परिवारों को लगातार गुमराह किया जा रहा है.
अरुण महतो ने आरोप लगाया कि डीपीएलआर कार्यालय द्वारा भूमि संबंधी मामलों में अनियमितताएं की गई हैं. उनके अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान गलत लोगों को मुआवजे की राशि का भुगतान किया गया. जबकि वास्तविक प्रभावित लोग आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में भ्रष्टाचार व्याप्त है और अवैध वसूली के कारण शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है. मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया. तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. साथ ही विरोध के अगले चरण में अधिकारियों का सांकेतिक श्रद्धाकर्म भी किया जाएगा.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा






