बोकारो: के चिराचास थाना क्षेत्र में ग्रामीण विकास विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) राम सुंदर दास के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में नया मोड़ ले चुका है. पत्नी की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने उन्हें कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया. लेकिन थाने पहुंचने के बाद खुद जूनियर इंजीनियर ने अपहरण की बात से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद पूरे मामले में लेनदेन का एंगल सामने आया है, जिसकी पुलिस गहन जांच कर रही है.



जानकारी के अनुसार, जूनियर इंजीनियर राम सुंदर दास की पत्नी अर्चना कुमारी ने चिराचास थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति सुबह से लापता हैं. इसी दौरान एक अज्ञात नंबर से फोन कर बताया गया कि ठेकेदार अनिल सिंह ने उनका अपहरण कर लिया है. सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तलाश शुरू कर दी.
पुलिस ने राम सुंदर दास को बोकारो व्यवहार न्यायालय के पास से कथित ठेकेदार अनिल सिंह के साथ बरामद किया. मौके पर विभाग के एक कार्यपालक अभियंता और दो अन्य लोग भी मौजूद थे. सभी को पूछताछ के लिए चिराचास थाना लाया गया.
पूछताछ के दौरान राम सुंदर दास ने पुलिस को बताया कि उनका अपहरण नहीं हुआ था. वे अनिल सिंह के साथ एक एग्रीमेंट के सिलसिले में कोर्ट गए थे. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अनिल सिंह उनके मित्र हैं और उनके साथ स्वेच्छा से गए थे.
चिराचास थाना प्रभारी रवि नारायण झा ने बताया कि पत्नी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जेई से मोबाइल पर संपर्क किया. उन्होंने खुद अपना लोकेशन बोकारो कोर्ट के पास बताया. पुलिस जब वहां पहुंची तो वे अनिल सिंह और अन्य लोगों के साथ मौजूद मिले.
थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है. प्रारंभिक जांच में मामला दोनों पक्षों के बीच आर्थिक लेनदेन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी दबाव में बयान तो नहीं बदला गया है. सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा





