सरायकेला/ Pramod Singh आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड 17 में बने लक्ष्य अपार्टमेंट में रहने वाले फ्लैट मालिकों ने बिल्डर सूजीत भदानी पर धोखाधड़ी और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगाए हैं. इसको लेकर शनिवार को फ्लैट खरीदार अमित कुमार सिंह ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मुलाक़ात कर सोसायटी वासियों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपते हुए इंसाफ दिलाने की मांग की है.

उन्होंने बताया कि उन्होंने चौथे तल्ले पर अंजना सिंह से फ्लैट खरीदा था और अन्य लोगों ने भी बिल्डर सुजीत भदानी से अपने- अपने फ्लैट खरीदे हैं. लगभग आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी फ्लैट के नाम में बिजली कनेक्शन नहीं किया गया है, जबकि जुस्को कनेक्शन के नाम पर प्रत्येक फ्लैट से 50- 50 हजार रुपये लिए गए थे. बिल्डर द्वारा अब साफ तौर पर बिजली कनेक्शन देने से इनकार किया जा रहा है, जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है. पीड़ित परिवारों का कहना है कि नगर निगम से केवल चार मंजिला इमारत का नक्शा पास कराया गया था, लेकिन अवैध तरीके से पांचवीं मंजिल का निर्माण कर दिया गया. घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग होने के कारण फ्लैटों की दीवारों, सीढ़ियों और रेलिंग में बड़ी- बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
बिल्डर द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्री वॉल, पानी की टंकी, पार्किंग रास्ता, सुरक्षा गार्ड और बच्चों के खेल के लिए पार्क जैसी सुविधाएं देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक एक भी सुविधा पूरी नहीं की गई है. आरोप है कि बिल्डर सुजीत बधानी ने जमीन मालिक चंदन सिन्हा से मिलीभगत कर पांचवीं मंजिल में तीन फ्लैट बनवाए, जिनमें से दो बिल्डर और एक जमीन मालिक के नाम पर है.
बिल्डर द्वारा अपने लोगों को यहां रखकर जानबूझकर फ्लैट मालिकों के बीच विवाद की स्थिति पैदा की जा रही है. अधिकांश फ्लैट मालिक नौकरी- पेशा हैं और दिनभर बाहर रहते हैं, ऐसे में उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा बना हुआ है. बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण कई- कई दिनों तक अंधेरे में रहना पड़ता है और वर्तमान में तीन दिनों से बिजली कटी हुई है. इस मामले को लेकर पहले भी आदित्यपुर थाना में आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. पीड़ितों ने अब उपायुक्त से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर बिल्डर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

