चाईबासा/सोनुआ: अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने, साइबर अपराध से बचाव और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से गुरुवार को सोनुआ थाना परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में क्षेत्र के मानकी, मुंडा, डाकुवा एवं विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.


इस दौरान सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, नशा मुक्त भारत अभियान, डायन प्रथा उन्मूलन और अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. पुलिस पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को इन विषयों के प्रति जागरूक करते हुए सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंचल पुलिस निरीक्षक महानंद सुरीन ने लोगों से अवैध अफीम की खेती नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती कानूनन अपराध है. इससे समाज और युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बाल विवाह, बाल श्रम और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया.
वहीं, सोनुआ थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा ने सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए अभिभावकों से कम उम्र के बच्चों को बाइक नहीं देने की अपील की. उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है. साथ ही साइबर अपराध, नशा मुक्ति, डायन प्रथा और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई के प्रति लोगों को आगाह किया.

थाना प्रभारी ने ग्रामीण मुंडाओं और डाकुवाओं से अपने-अपने गांवों में जागरूकता फैलाने तथा अवैध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज से अपराध और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए पुलिस के साथ ग्रामीणों का सहयोग भी बेहद जरूरी है.
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य जगदीश नायक, बीएसएफ मेजर प्रदीप कुमार, मानकी मदन मोहन सुंडी, फूलचंद हेंब्रम, जयपाल सिंह जोंकों, अभय सोय, रामकृष्णा चाकी, संजय हेंब्रम, रामेश्वर अंगरिया सहित विभिन्न गांवों के मुंडा, डाकुवा, पंचायतों के मुखिया एवं पुलिस जवान उपस्थित थे.
रिपोर्ट: जयंत प्रामाणिक

