चाण्डिल: अनुमंडल क्षेत्र में प्रशासनिक एवं न्यायिक सुविधाओं के विस्तार और आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर चाण्डिल अनुमंडल बार एसोसिएशन ने रांची के सांसद सह भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री को मांग पत्र सौंपा है. एसोसिएशन ने क्षेत्र की चार प्रमुख मांगों को रखते हुए इनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है.


बार एसोसिएशन ने मांग पत्र में उल्लेख किया है कि 31 अगस्त 2003 को चाण्डिल अनुमंडल का गठन हुआ था. वहीं, 23 जुलाई 2022 से चाण्डिल में सिविल न्यायालय भी कार्यरत है. इसके बावजूद अनुमंडल क्षेत्र के लोगों और अधिवक्ताओं को कई आवश्यक प्रशासनिक एवं न्यायिक सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
बार एसोसिएशन की चार प्रमुख मांगें
एसोसिएशन ने मांग पत्र के माध्यम से निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
1. चाण्डिल में जेल भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके.
2. चाण्डिल अनुमंडलीय न्यायालय में स्टाम्प भंडार की स्वीकृति प्रदान करते हुए सी.एफ. टिकट की व्यवस्था अविलंब की जाए.
3. आम जनता एवं अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए चाण्डिल में अविलंब ट्रेजरी कार्यालय खोला जाए.
4. चाण्डिल अनुमंडल बार भवन के सामने अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कार्य से जुड़े लोगों के लिए लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाए.
बार एसोसिएशन का कहना है कि इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से अनुमंडल क्षेत्र के आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और न्यायालय में आने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी. साथ ही प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भरता भी कम होगी.
एसोसिएशन ने सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री से जनहित से जुड़ी इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कराने की अपील की है.
इस अवसर पर अधिवक्ता मनोहर सिंह, चाण्डिल कोर्ट के टाइपिस्ट समीर कुमार महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

