रांची: राजधानी रांची में ब्रांडेड अंग्रेजी शराब के नाम पर चल रहे कथित नकली शराब के बड़े कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने मांडर थाना क्षेत्र के मलटोटी गांव स्थित एक निर्माणाधीन मकान में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार यहां करीब एक महीने से अवैध रूप से अंग्रेजी शराब तैयार कर अलग-अलग ब्रांड की बोतलों में पैक की जा रही थी.


कार्रवाई में OLD MONK और ROYAL MANSION GOLD WHISKY की कुल 2880 भरी 750 ML बोतलों के अलावा ROYAL CHALLENGE की 180 ML की 14 बोतलें बरामद की गईं. सिंटेक्स टंकी से करीब 200 लीटर और एक जार से लगभग 25 लीटर तैयार शराब भी जब्त की गई.
निर्माणाधीन मकान के अंदर चल रही थी पूरी ‘पैकेजिंग यूनिट’
पुलिस के अनुसार मलटोटी गांव के एक निर्माणाधीन मकान में बड़े पैमाने पर अवैध अंग्रेजी शराब बनाए जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली निखिल राय और डीएसपी मुख्यालय-द्वितीय अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई.
टीम ने मकान की घेराबंदी कर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के बीच छापेमारी की. पुलिस का दावा है कि मकान के हॉल में पांच लोग शराब तैयार करने के काम में लगे मिले. उनसे वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका.
बोतल से ढक्कन तक तैयार, ब्रांडेड शराब जैसा दिखाने की पूरी व्यवस्था
छापेमारी में करीब 2000 खाली 750 ML बोतलें, विभिन्न ब्रांडों के लगभग 1000 ढक्कन, लेबल, स्टीकर और QR कोड से संबंधित सामग्री भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है.
इसके अलावा कास्टिक कैरेमल पदार्थ, बोतल सील करने की मशीन, चार टुल्लू पंप, होंडा जनरेटर, इन्वर्टर-बैटरी और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए. परिवहन में इस्तेमाल की आशंका के आधार पर पुलिस ने मौके से एक पिकअप वाहन, एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल और एक महिंद्रा SUV भी जब्त की है.
बिहार-UP तक पहुंच रही थी खेप
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा करीब एक महीने से यह कारोबार किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है. तैयार शराब को अलग-अलग ब्रांड की बोतलों में पैक कर मांग के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के विभिन्न जिलों में भेजे जाने की जानकारी पुलिस को मिली है.
अब पुलिस इस कथित नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियां तलाश रही है. जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि शराब बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आता था, खाली बोतलें, ब्रांडेड लेबल, ढक्कन और QR कोड किसके माध्यम से उपलब्ध कराए जाते थे और तैयार माल किन लोगों तक पहुंचाया जाता था.
*चार जिलों के पांच आरोपी गिरफ्तार*
पुलिस ने मामले में रांची के प्रत्युष शाहदेव (27), औरंगाबाद के कुन्दन कुमार (28) और राकेश कुमार (28), धनबाद के संजय सिंह (32) तथा मुंगेर के विष्णु कुमार (22) को गिरफ्तार किया है. अलग- अलग जिलों के आरोपियों की मौजूदगी के कारण पुलिस अब इनके संपर्क और कथित सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
*BNS से लेकर उत्पाद, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क एक्ट तक केस*
मामले में मांडर थाना कांड संख्या 115/2026, दिनांक 05 नवंबर 2026 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में BNS की धारा 274, 275, 338, 336(3), 340(2), 318(4), 3(5), उत्पाद अधिनियम की धारा 47(A), कॉपीराइट एक्ट की धारा 63, 64, 65 तथा ट्रेडमार्क एक्ट की धारा 102, 103 और 104 लगाए जाने की जानकारी दी गई है.
*अब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की चुनौती*
कार्रवाई में ASP निखिल राय और DSP अजय आर्यन के अलावा मांडर अंचल पुलिस निरीक्षक जय प्रकाश राणा तथा मांडर, रातू, कोतवाली, सुखदेवनगर, चान्हो, ठाकुरगांव और पंडरा ओपी के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे.
करीब तीन हजार तैयार बोतलें, हजारों खाली बोतलें, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सामग्री तथा वाहन मिलने के बाद पुलिस की जांच अब केवल मौके से गिरफ्तार पांच लोगों तक सीमित नहीं है. कच्चे माल के सप्लायर से लेकर नकली ब्रांडिंग और बिहार-UP तक कथित शराब पहुंचाने वाले नेटवर्क की पहचान इस जांच की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी.

