रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने सदन में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के साथ दो बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की. इसके साथ ही टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से कराई गई परीक्षा की जांच कराने का भी ऐलान किया गया है. सरकार के इस फैसले को लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.



छात्रों की मांगों पर सरकार का बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी अधिकतर मांगों को स्वीकार किया जा चुका है. परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए भविष्य में तकनीकी स्तर पर भी सुधार किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से सलाह ली जाएगी.
सरकार के इस निर्णय के बाद अब 14वीं जेपीएससी पीटी और दो बैकलॉग परीक्षाओं के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है. हालांकि नई परीक्षा की प्रक्रिया और समय-सीमा को लेकर आगे आयोग एवं सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
10 अगस्त की कार्रवाई पर विधानसभा में सियासी घमासान
छात्र आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला. 10 अगस्त को रांची में विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जहां विपक्ष सरकार को घेर रहा था, वहीं मुख्यमंत्री ने प्रशासन की कार्रवाई का बचाव किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने पूरे मामले में धैर्य का परिचय दिया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के विधानसभा के आसपास पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि जिस क्षेत्र में सालभर धारा 144 लागू रहती है, वहां तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए.
विपक्ष पर लगाया ‘मकड़जाल’ बुनने का आरोप
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने पूरे घटनाक्रम को विपक्ष का बुना हुआ ‘मकड़जाल’ बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कंपनी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह उत्तर प्रदेश की कंपनी है और इसके पीछे षड्यंत्र की आशंका जताई.
उन्होंने विपक्ष पर छात्रों को आंदोलन में आगे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं.
‘जेब में नोटों के बंडल, लोकतंत्र खरीदना चाहते हैं’. सीएम का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की जेब में नोटों के बंडल हैं और वे लोकतंत्र को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर भी विपक्ष पर राजनीतिक हमला किया. मुख्यमंत्री के इन बयानों के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच परीक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया.
परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल वर्तमान विवाद को समाप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहती. परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और परिणाम को लेकर किसी तरह की आशंका पैदा न हो. उन्होंने कहा कि छात्रों के सुझावों और विशेषज्ञ संस्थाओं की सलाह के आधार पर परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाएगा.
JSSC CGL पेपर लीक मामले में मुंबई से गिरफ्तारी
इधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी ने मुंबई से अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अरुण शर्मा का संबंध बिनसिस कंपनी से बताया जा रहा है. परीक्षा से जुड़े डिजिटल डेटा और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी से भी उसका संबंध बताया जा रहा है. सीआईडी उससे पूछताछ कर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
आंदोलन से लेकर विधानसभा तक पहुंचा परीक्षा विवाद
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से विधानसभा तक पहुंच चुका है. छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई सहित कई मांगें उठाई थीं. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक रूप से गरमा गया. अब 14वीं जेपीएससी पीटी समेत दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की मुख्यमंत्री की घोषणा और टीडीपीएल एजेंसी की जांच के ऐलान के बाद सरकार पर अगली परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से कराने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रद्द की गई परीक्षाएं दोबारा कब होंगी और नई व्यवस्था में सरकार छात्रों का भरोसा किस तरह कायम कर पाएगी.





