रांची: ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में चांडिल अनुमंडल से जुड़े विकास और जनसुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए. उन्होंने तारांकित प्रश्न के माध्यम से चांडिल अनुमंडल में स्टेडियम निर्माण और पर्यटन विकास का मामला उठाया. वहीं शून्यकाल में क्षेत्र में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों को हो रही परेशानी का मुद्दा प्रमुखता से रखा.



नीमडीह, चांडिल और ईचागढ़ में स्टेडियम निर्माण का मामला
विधायक सविता महतो ने नीमडीह, चांडिल और ईचागढ़ प्रखंड में पूर्व से स्वीकृत स्टेडियम निर्माण की स्थिति को लेकर सरकार से जानकारी मांगी. सरकार की ओर से बताया गया कि इन स्टेडियमों की स्वीकृति की अवधि पूरी हो चुकी है. सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम निर्माण का निर्णय लिया है. इसके तहत कुकड़ू सहित अन्य प्रखंडों से भूमि विवरण के साथ प्रस्ताव मांगे गए हैं.
विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. बेहतर खेल आधारभूत संरचना उपलब्ध होने पर क्षेत्र के युवा जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं. स्टेडियम बनने से युवाओं को खेल अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा.
ओड़िया और मुरु को पर्यटन स्थल बनाने की पहल
विधायक ने चांडिल अनुमंडल के ओड़िया और मुरु गांव को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी मामला विधानसभा में उठाया. सरकार की ओर से बताया गया कि चांडिल डैम के कारण क्षेत्र में पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं. दोनों गांवों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने और घोषित करने का प्रस्ताव जिला पर्यटन संवर्धन परिषद को भेजा गया है.
सविता महतो ने कहा कि चांडिल डैम और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा.
शून्यकाल में उठा हाथी आतंक का मुद्दा
शून्यकाल में विधायक सविता महतो ने ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हाथियों के झुंड के गांवों में प्रवेश करने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहता है. हाथियों के कारण फसलों के साथ घरों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंच रहा है.
विधायक ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ मानव-हाथी संघर्ष के स्थायी समाधान की मांग की. उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, वन विभाग की टीम को सक्रिय रखने और हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई.
उन्होंने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष का समाधान केवल तत्काल राहत और मुआवजे तक सीमित नहीं होना चाहिए. इसके लिए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके. विधायक ने सरकार से खेल सुविधाओं के विस्तार, चांडिल क्षेत्र में पर्यटन विकास और मानव-हाथी संघर्ष के स्थायी समाधान को लेकर गंभीरता से पहल करने की मांग की.





