सरायकेला: सीनी ओपी क्षेत्र के ऊकरी मोड़ स्थित शराब दुकान में करीब दो लाख रुपये की चोरी के मामले में 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक चोरों तक नहीं पहुंच सकी है. दुकान संचालक के अनुसार, घटना के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराया गया था. संचालक का दावा है कि फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं. इसके बावजूद मामले का उद्भेदन नहीं होने से पुलिस की जांच और गश्ती व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहे हैं.


स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस की गश्ती व्यवस्था प्रभावी नहीं है. लोगों के अनुसार, पुलिस गश्ती वाहन क्षेत्र में नजर तो आता है, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों और खुले में शराब सेवन करने वालों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊकरी मोड़ स्थित शराब दुकान के आसपास अक्सर लोग खुले में शराब का सेवन करते हैं. आरोप है कि गश्ती वाहन के गुजरने के बावजूद इस पर कार्रवाई नहीं की जाती.
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस गश्ती वाहन कई बार सड़क किनारे या पेड़ के नीचे खड़ा दिखाई देता है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में नियमित और प्रभावी निगरानी हो तो चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है और घटना के बाद उपलब्ध सुरागों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है.
दुकान संचालक के अनुसार, चोरी की घटना के बाद सीनी ओपी प्रभारी को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराया गया था. संचालक का दावा है कि फुटेज में चोरी से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं. इसके बावजूद 11 दिन बाद भी मामले का खुलासा नहीं होने से दुकान संचालक और स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
इधर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध बालू के परिचालन के खिलाफ पुलिस की सक्रियता दिखाई देती है, जबकि चोरी जैसे मामलों के उद्भेदन में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है. इसी को लेकर लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस की प्राथमिकता अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था है या बालू के परिचालन पर कार्रवाई.
हालांकि, पुलिस की ओर से मामले की जांच किस स्तर तक पहुंची है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अब लोगों की नजर पुलिस की जांच पर है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर चोरी की घटना का खुलासा कब तक होता है और आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक की जाती है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

