सरायकेला: जिले में सड़क किनारे मनमाने ढंग से भारी वाहनों की पार्किंग करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) का प्रभार संभालते ही शंकराचार्य समाद ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय और राज्य मार्गों सहित प्रमुख सड़कों पर अवैध रूप से खड़े किए जाने वाले भारी वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाएगा और दोषियों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माने के साथ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.



डीटीओ ने कहा कि सड़क किनारे खड़े ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहन अक्सर गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं. विशेषकर रात के समय या कम दृश्यता की स्थिति में ऐसे वाहन आम लोगों के लिए जानलेवा साबित होते हैं. इसलिए अब सड़क को पार्किंग स्थल समझने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने वाहन मालिकों और चालकों से अपील की कि अपने वाहनों को केवल अधिकृत और सुरक्षित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें. यदि किसी कारणवश रात में सड़क किनारे वाहन रोकना पड़े तो पार्किंग लाइट अवश्य जलाएं, ताकि दुर्घटना की आशंका कम हो सके.
शंकराचार्य समाद ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है. उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की. साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करेंगे.
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. आने वाले दिनों में जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन चालक के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी.
डीटीओ शंकराचार्य समाद ने कहा, “सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सड़क किनारे अवैध रूप से भारी वाहनों की पार्किंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी. नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें. सुरक्षित यातायात ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है.”
प्रमोद सिंह (संपादक)





