जामताड़ा: नगर पंचायत की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता की सदस्यता और अयोग्यता से जुड़े मामले में झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने अंतिम सुनवाई की तारीख तय कर दी है. इस सुनवाई के बाद मामले की दिशा और जामताड़ा की स्थानीय राजनीति का भविष्य काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है.


विभाग के अपर सचिव-सह-जांच पदाधिकारी जुल्फिकार अली द्वारा जारी पत्रांक-1983 के तहत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है. झारखंड नगरपालिका निर्वाचित प्रतिनिधि (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2020 के तहत दर्ज इस मामले की अंतिम सुनवाई 16 जून 2026 को दोपहर 12:45 बजे रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के चौथे तल पर जांच पदाधिकारी के कार्यालय में निर्धारित की गई है.
विभाग ने नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता और शिकायतकर्ता वीरेंद्र मंडल को निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होकर अपने पक्ष में अंतिम साक्ष्य और दलीलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. विभागीय पत्र में कहा गया है कि यह सुनवाई मामले के निष्कर्ष तक पहुंचने की दिशा में अंतिम और महत्वपूर्ण चरण होगी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जामताड़ा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत को भी नोटिस की प्रतिलिपि भेजी गई है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि नोटिस की तामिला संबंधित पक्षों तक सुनिश्चित कराएं तथा आवश्यक अभिलेखों के साथ स्वयं या किसी राजपत्रित पदाधिकारी के माध्यम से सुनवाई में उपस्थित रहें.
नगर पंचायत की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि यह सुनवाई काफी अहम साबित हो सकती है. यदि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो नियमावली 2020 के तहत अध्यक्ष पद पर कार्रवाई की संभावना बन सकती है. हालांकि अंतिम निर्णय सुनवाई पूरी होने और विभागीय आदेश जारी होने के बाद ही सामने आएगा.
विभागीय नोटिस जारी होने के बाद जामताड़ा के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. अब सभी की नजरें 16 जून को होने वाली सुनवाई और उसके संभावित परिणामों पर टिकी हैं.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

