जामताड़ा: जिले के नारायणपुर और करमाटांड़ प्रखंड के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. लंबे समय से लो वोल्टेज, बार- बार ट्रिपिंग और अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे लोगों को जल्द ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलने वाली है. विद्युत विभाग भागाबांध स्थित नए ग्रिड को चालू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.


विद्युत कार्यपालक अभियंता अभिषेक आनंद ने बताया कि भागाबांध में स्थापित 132/33 केवी क्षमता वाले 50 एमवीए ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक चार्ज कर लिया गया है. इसके साथ ही ग्रिड से पावर सब-स्टेशन तक आने वाली 33 केवी विद्युत लाइन का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है और तकनीकी रूप से इसे संचालन के लिए तैयार कर दिया गया है.
उन्होंने बताया कि अब पूरे सिस्टम का ट्रायल रन किया जाएगा. परीक्षण सफल होने के बाद भागाबांध ग्रिड से सीधे नारायणपुर और पबिया पावर सब- स्टेशनों को बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी. इससे वर्तमान में जामताड़ा ग्रिड पर पड़ रहा अतिरिक्त भार काफी हद तक कम हो जाएगा.
विभाग के अनुसार फिलहाल नारायणपुर और पबिया क्षेत्र को लगभग 12 मेगावाट बिजली जामताड़ा ग्रिड के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है. नए ग्रिड के चालू होते ही यह पूरा लोड भागाबांध ग्रिड पर स्थानांतरित हो जाएगा. इससे बिजली वितरण व्यवस्था अधिक संतुलित होगी और उपभोक्ताओं को स्थिर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी.
कार्यपालक अभियंता ने बताया कि करमाटांड़ और भागाबांध के बीच विद्युत लाइन विस्तार का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है. परियोजना के तहत शेष 12 पोल लगाने का काम जारी है, जिसे अगले एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके बाद करमाटांड़ पावर सब-स्टेशन को भी भागाबांध ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नारायणपुर, पबिया और करमाटांड़ क्षेत्र में लो वोल्टेज, बार-बार बिजली कटने और तकनीकी बाधाओं जैसी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है. विभाग का मानना है कि बेहतर बिजली आपूर्ति से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि कृषि, व्यापार और छोटे उद्योगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. भागाबांध ग्रिड के शुरू होने से जामताड़ा जिले की बिजली व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

