बोकारो: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विद्यालय मैदान में रविवार को दो दिवसीय राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ. प्रतियोगिता में झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री एवं धनबाद लोकसभा क्षेत्र की पूर्व सांसद प्रत्याशी अनुपमा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं.


कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान समारोह से हुई. बोकारो जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह और झारखंड राज्य कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष बबलू कुमार ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों को बुके, मोमेंटो और शॉल भेंट कर सम्मानित किया. इसके बाद अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और पहली बाउट की शुरुआत कर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनुपमा सिंह ने कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है. यह केवल एक खेल नहीं बल्कि अनुशासन, समर्पण, संघर्ष और मानसिक मजबूती का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि मिट्टी से जुड़े इस खेल को बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिल सके.
उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है. उन्होंने आश्वासन दिया कि बोकारो जिला कुश्ती संघ को एक आधुनिक रेसलिंग मैट उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें.
चास की उपमहापौर पूजा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा. खेलों के विकास से युवा पीढ़ी नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली की ओर अग्रसर होती है.
दो दिवसीय इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए पहलवान विभिन्न भार वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रेमियों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है. मैदान में पूरे दिन रोमांचक मुकाबलों का दौर जारी रहा, जहां खिलाड़ियों ने शानदार तकनीक और दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य राज्य में कुश्ती खेल को बढ़ावा देना और नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाना है. विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित कर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा



