खरसावां: सरायकेला- खरसावां जिले में बढ़ते साइबर अपराध, महिला उत्पीड़न और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन अब जागरूकता अभियान को तेज कर रहा है. इसी कड़ी में सोमवार को पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने प्लस टू हाई स्कूल खरसावां में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में छात्र- छात्राओं को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं.

विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. थाना प्रभारी ने विशेष रूप से छात्राओं को महिला सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध कानून, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज के दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है और सही जानकारी से लैस बच्चे अपराध का शिकार होने से बच सकते हैं.
उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी, उत्पीड़न, धमकी या हिंसा की घटना होने पर चुप न रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें. इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, आपातकालीन सेवा डायल-112 और साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई. उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का उद्देश्य लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है.
पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर कानून बेहद सख्त है. किसी भी प्रकार के शोषण, गलत व्यवहार या धमकी की स्थिति में तुरंत शिकायत करनी चाहिए. वहीं बाल विवाह को सामाजिक अभिशाप बताते हुए उन्होंने कहा कि कम उम्र में शादी बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती है और यह कानूनन अपराध भी है.
कार्यक्रम में बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर भी छात्रों को जागरूक किया गया. थाना प्रभारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के कारण कई बार निर्दोष लोगों के साथ मारपीट जैसी घटनाएं हो जाती हैं. ऐसे मामलों में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय पुलिस को सूचना देना चाहिए.
महिला सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी और कहा कि सरकार तथा पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि महिलाएं अब किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को सहने के बजाय खुलकर शिकायत करें, पुलिस हरसंभव सहायता करेगी.
सड़क सुरक्षा और गुड सेमेरिटन कानून की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना सबसे बड़ा मानव धर्म है. उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस अनावश्यक पूछताछ नहीं करती और कानून ऐसे मददगार लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है.
अपने संबोधन में थाना प्रभारी गौरव कुमार ने कहा कि आज के समय में बच्चों और युवाओं को कानून की जानकारी होना बेहद जरूरी है. पुलिस सिर्फ अपराध रोकने का काम नहीं करती बल्कि समाज को जागरूक करना भी उसकी जिम्मेदारी है. यदि छात्र-छात्राएं सतर्क और जागरूक रहेंगे तो वे खुद भी सुरक्षित रहेंगे और समाज को भी सुरक्षित बनाने में योगदान देंगे.
विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं. कार्यक्रम के अंत में छात्र- छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक जवाब दिया गया.
Report: Pramod Singh



