आदित्यपुर: नगर निगम क्षेत्र में करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे शहर के पहले टाउन हॉल सह ऑडिटोरियम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. निर्माण स्थल को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना शहर के आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि कथित तौर पर एक निजी बिल्डर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्र के सातवीं चरण में बनाई जा रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि टाउन हॉल नगर निगम क्षेत्र से काफी दूर स्थित है और यह एक निजी आवासीय सोसाइटी की बाउंड्री से सटाकर बनाया जा रहा है. ऐसे में इसका सीधा लाभ केवल उस सोसाइटी में रहने वाले लोगों को मिलेगा, जबकि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के आम नागरिकों के लिए वहां पहुंचना कठिन होगा.
इस परियोजना को लेकर कई पार्षदों ने भी विरोध दर्ज कराया है. पार्षदों का कहना है कि टाउन हॉल जैसी सार्वजनिक सुविधा ऐसी जगह बननी चाहिए जहां शहर के लोग आसानी से पहुंच सकें और शादी समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए इसका उपयोग कर सकें. वार्ड 30 के पार्षद सुधीर चौधरी ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने तथा उपयुक्त स्थान पर टाउन हॉल निर्माण कराने की मांग की है.
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य रामगढ़ की एक ठेका कंपनी को दिया गया है, जिसने आगे हजारीबाग की दूसरी कंपनी को पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर काम सौंप दिया है. इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
विवाद का एक बड़ा कारण टाउन हॉल तक पहुंचने का रास्ता भी है. लोगों का कहना है कि वहां पहुंचने के लिए केवल औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का उपयोग करना पड़ेगा, जहां भारी वाहनों और ट्रकों का लगातार आवागमन होता है. ऐसे में बड़े कार्यक्रमों और शादी समारोह के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी.
स्थानीय नागरिकों और पार्षदों ने सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना की समीक्षा करने और शहर के बीचोंबीच उपयुक्त स्थान पर टाउन हॉल निर्माण कराने की मांग की है.



