चांडिल/ Vikash Thakur अनुमंडल क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों भय के साये में जीने को मजबूर हैं. बीती देर रात कुकड़ू प्रखंड के बाकरकुड़ी गांव में 6 से 7 जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने गांव में घुसकर कई घरों को तोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. इसके अलावा एक दुकान को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा की परेशानी खड़ी हो गई है.

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड पिछले कई दिनों से इलाके में डेरा डाले हुए है. यह झुंड कभी डाटम जंगल तो कभी सापारुम जंगल में रहता है और रात होते ही गांवों की ओर रुख कर तबाही मचाता है. अचानक गांव में घुस आने से लोग दहशत में हैं और रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं.

गौरतलब है कि हाल ही में सापारुम जंगल में एक व्यक्ति की जान जाने की घटना के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग द्वारा जल्द कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाया गया, तो भविष्य में और बड़ी घटना हो सकती है. लोगों ने प्रशासन से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. पूरे क्षेत्र में फिलहाल दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.

