
मनोहरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड स्थित डिम्बुली गांव की अधिग्रहित जमीन को मूल रैयतों को वापस दिलाने की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है. मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त से दो बार विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है. इससे जमीन वापसी को लेकर चल रहा आंदोलन और तेज हो गया है.


जानकारी के अनुसार डिम्बुली गांव की थाना संख्या-86 अंतर्गत 110.53 एकड़ भूमि वर्ष 2007-08 में एम/एस वी.एस. डेम्पो एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उद्योग स्थापना के उद्देश्य से खरीदी गई थी. भूमि हस्तांतरण से संबंधित टी.ए. मिस केस में जिला प्रशासन की ओर से यह शर्त निर्धारित की गई थी कि कंपनी को पांच वर्षों के भीतर उद्योग स्थापित करना होगा. निर्धारित अवधि में उद्योग स्थापित नहीं होने की स्थिति में भूमि मूल रैयतों को वापस करनी होगी.
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने 20 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी. उन्होंने भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 101 का हवाला देते हुए कहा था कि जब भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं किया गया, तो उसे मूल रैयतों को वापस किया जाना चाहिए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 18 मार्च 2026 को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. आयोग को समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 21 मई 2026 को दोबारा पत्र जारी कर कार्रवाई रिपोर्ट और आरोपों से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया.
आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने पर संविधान द्वारा प्रदत्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का उपयोग करते हुए आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने कहा कि डिम्बुली के मूल रैयतों को उनकी जमीन वापस मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योग स्थापना की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जमीन का उपयोग मूल उद्देश्य के अनुरूप नहीं किया गया, जिससे स्थानीय आदिवासी रैयतों के अधिकार प्रभावित हुए हैं.
अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के निर्णय पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं. डिम्बुली की जमीन वापसी का यह मामला आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण रूप ले सकता है.
रिपोर्ट: ज्योतिष महाली


