
चाईबासा: जिले में मलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए राज्य और जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने सोनुआ और गोइलकेरा प्रखंड के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) यानी कीटनाशक छिड़काव कार्य का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने छिड़काव की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की.


गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बड़ेला स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतर्गत बड़ेला गांव और महादेवसाल मंदिर परिसर में चल रहे IRS छिड़काव कार्य का निरीक्षण किया गया. इस दौरान सिनी (CINI) के स्टेट एम एंड ई प्रतिनिधि और जिला समन्वयक ने छिड़काव की तकनीक और निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया. निरीक्षण के समय एमटीएस, एमपीडब्ल्यू, स्थानीय सहिया और सिनी के प्रखंड समन्वयक भी मौजूद रहे.
इसके बाद टीम ने सोनुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रायगढ़ा स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतर्गत रायगढ़ा, कूदाबेडा, कुकरुबरू, देवोंई और डरियोकमरोडा गांवों का औचक निरीक्षण किया. यह क्षेत्र अत्यंत दुर्गम है, जहां न तो पक्की सड़क है और न ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है. रास्ता बाधित होने के कारण जब वाहन आगे नहीं बढ़ सका, तब अधिकारियों ने मोटरसाइकिल के जरिए गांवों तक पहुंचकर निरीक्षण किया.
निरीक्षण दल में राज्य स्तरीय सदस्य अनिल प्रसाद, जयंत देव, विनय कुमार, जिला सलाहकार शशि भूषण महतो, सोनुआ वीबीडी इंचार्ज जितेंद्र बिरुवा तथा सिनी के प्रखंड समन्वयक नीरज कुमार शामिल रहे. अधिकारियों ने अभियान से जुड़े कर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप छिड़काव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और मलेरिया उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक


