जामताड़ा: हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर शनिवार सुबह आई दो अलग-अलग तकनीकी खराबियों ने रेल परिचालन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. चित्तरंजन रेलवे स्टेशन और रूपनारायणपुर रेलवे स्टेशन के समीप एक के बाद एक दो ट्रेनों के इंजन फेल होने से अप लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही घंटों तक बाधित रही. भीषण गर्मी के बीच हजारों यात्री ट्रेनों में फंसे रहे और उन्हें भूख-प्यास समेत कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा.


जानकारी के अनुसार, चित्तरंजन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर खड़ी खुर्दा रोड-पटना स्पेशल ट्रेन का इंजन अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया. स्थिति को सामान्य करने के लिए रेलवे प्रशासन ने तत्काल दूसरा इंजन मंगाया, लेकिन उसमें भी तकनीकी खराबी आ गई. लगातार दो इंजनों के फेल होने से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद रेलवे ने एक ईएमयू लोकल ट्रेन को डाउन लाइन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 से डायवर्ट कर परिचालन बहाल करने का प्रयास किया.
इसी दौरान रूपनारायणपुर रेलवे स्टेशन के समीप 17005 हैदराबाद-रक्सौल पैसेंजर ट्रेन का इंजन भी बीच ट्रैक पर अचानक फेल हो गया. इसके चलते पीछे आ रही एक मालगाड़ी भी उसी ट्रैक पर फंस गई. एक ही रूट पर दो अलग-अलग स्थानों पर आई तकनीकी खराबियों ने पूरे अप लाइन के रेल परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया.
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच घंटों तक ट्रेनों में फंसे यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों की स्थिति काफी दयनीय हो गई. स्टेशन परिसर के नलों और आसपास की दुकानों पर पानी की भारी किल्लत देखने को मिली, जिससे यात्रियों की परेशानियां और बढ़ गईं. रूपनारायणपुर रेलगेट और चित्तरंजन स्टेशन के आसपास स्थित खाने-पीने की दुकानों में भी आवश्यक सामग्री तेजी से खत्म हो गई और यात्री जरूरी सामान के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए.
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के तकनीकी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और खराब इंजनों को दुरुस्त कर परिचालन सामान्य करने में जुट गए. डाउन लाइन के जरिए कुछ ट्रेनों का संचालन कराया गया, जबकि दोपहर करीब 12:15 बजे के बाद रेल परिचालन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा. हालांकि लंबी देरी और अव्यवस्था को लेकर यात्रियों में रेलवे प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

