कोलकाता/ जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे South Eastern Railway के मुख्यालय गार्डेनरीच से जारी कार्यालय आदेश संख्या 66/ 2026 के तहत कई अधिकारियों का तबादला और पदस्थापन किया गया है. यह आदेश 20 मार्च 2026 को महाप्रबंधक की स्वीकृति के बाद जारी किया गया.

जारी आदेश के अनुसार, राजेश कृष्णाराव डोंगरे को पूर्वी रेलवे में SA ग्रेड में पदस्थापन के लिए स्थानांतरित किया गया है, जबकि बाबुल बर्मन को चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स भेजा गया है. खड़गपुर मंडल में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं. ए.के. पुरुष्टि को उप मुख्य विद्युत इंजीनियर (ERS-POH, खड़गपुर) बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (TRS) टाटानगर विनोद कुमार को खड़गपुर में वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (जनरल) की जिम्मेदारी दी गई है.
इसी क्रम में अंशुमान सिंह और ए. कुसुमाभिनव को पदोन्नति देते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. वहीं एन. श्रीनिवासन और अनिल कुमार गुप्ता के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है. प्रेमचंद शर्मा मंडल विद्युत इंजीनियर (CTRC)को टाटानगर से ELIN में पदस्थापित किया गया है.
इधर, इसी दिन 20 मार्च 2026 को ही पत्रांक 196/ 2025-26 तहत टाटानगर स्थित CTRC विभाग में भी सुपरवाइजर्स के कार्यक्षेत्र में बदलाव को लेकर अलग से आदेश जारी किया गया. इसमें एन.बी. सिंह, निलेश कुमार, राजीव नयन और इंदर कुमार के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है.
हालांकि, इन आदेशों के बाद अब मामला विवादों में घिरता नजर आ रहा है. सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि जिन अधिकारियों का खुद का तबादला 20 मार्च 2026 को ही हुआ, वे अपने तबादले के तुरंत बाद उसी दिन CTRC टाटानगर के 4 सेक्शन इनचार्ज का भी तबादला कर देते हैं, जो अधिकारियों द्वारा मनमानी को दर्शाता है. विशेष रूप से यह आरोप लगाया जा रहा है कि एक अधिकारी द्वारा अपने स्वजातीय कर्मी को RW-स्टोर/CTRC से हटाकर व्हील सेक्शन/CTRC का इंचार्ज बना दिया गया.
सूत्रों का यह भी दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में पैसों का लेन- देन हुआ है और लाखों रुपये में सौदा तय होने की चर्चा है. साथ ही विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों की मिलीभगत के भी आरोप लगाए जा रहे हैं.
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इस मामले को लेकर सीकेपी मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इन आरोपों पर विभागीय स्तर पर कोई जांच होती है या नहीं.

