राजनगर: झारखंड सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत कोलाबड़िया गांव के कई बुजुर्ग, विधवा एवं दिव्यांग लाभुकों का आरोप है कि उन्हें पिछले करीब आठ महीनों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान नहीं मिला है. इससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और दैनिक जीवन का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है.



पीड़ित लाभुकों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन ही उनकी आजीविका का प्रमुख सहारा है. पेंशन बंद होने के कारण दवा-इलाज, राशन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि वे कई बार संबंधित विभाग और प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है, लेकिन सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजना के लाभुक लंबे समय से अपने अधिकार से वंचित हैं. उनका आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है और जनप्रतिनिधियों ने भी अब तक इस मुद्दे को प्राथमिकता नहीं दी है.
लाभुकों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से अविलंब हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि लंबित सामाजिक सुरक्षा पेंशन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बुजुर्गों, विधवाओं एवं दिव्यांगों को राहत मिल सके. साथ ही पेंशन भुगतान में हो रही देरी के कारणों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की है.
कोलाबड़िया गांव के बुजुर्गों और दिव्यांगों ने उम्मीद जताई कि उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचेगी और जल्द ही उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर उन्हें उनका अधिकार मिलेगा.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल





