
सरायकेला: नगर क्षेत्र में पेयजल संकट के बीच जलापूर्ति व्यवस्था की बड़ी खामियां सामने आई हैं. नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के नेतृत्व में पीएचईडी, जुडको और नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने जल शोधन केंद्र का निरीक्षण किया. जांच में खुलासा हुआ कि करीब 50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जलापूर्ति तंत्र से नगरवासियों को केवल 20 लाख लीटर पानी ही उपलब्ध कराया जा रहा है. यानी प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर पानी की कमी बनी हुई है.


निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि वर्षों से जलापूर्ति तंत्र का समुचित रखरखाव नहीं किया गया. स्विच पटल, रिले और अन्य सुरक्षा उपकरण जर्जर हालत में मिले. तकनीकी मानकों की अनदेखी के कारण मोटर जल गई, जिससे पूरे नगर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बताया गया कि नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता गए हुए थे. इसी दौरान जलापूर्ति केंद्र की मोटर खराब होकर जल गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत ने तत्काल पीएचईडी और जुडको के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कराया.
जांच में यह भी पाया गया कि जलापूर्ति व्यवस्था का नियमित रखरखाव लगभग नहीं के बराबर हो रहा था. इसके अलावा जल शोधन केंद्र के स्थानांतरण और अलग विद्युत कनेक्शन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य भी लंबे समय से अधूरे पड़े हैं, जिससे व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है.

निरीक्षण के बाद पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सभी तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने, सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त करने, नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. नगरवासियों को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों से चली आ रही तकनीकी कमियों को दूर कर जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा, क्योंकि जनता को पानी चाहिए, बहाने नहीं.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह


