सरायकेला: बारिश के मौसम में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बीच सरायकेला नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है. नगरवासियों का आरोप है कि कई वार्डों में नियमित फॉगिंग नहीं हो रही है, जबकि नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं और जगह- जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है. जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी लगातार बढ़ता जा रहा है.


स्थानीय लोगों का दावा है कि बारिश शुरू होने के बाद नगर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर फॉगिंग अभियान नहीं चलाया गया. लोगों का यह भी आरोप है कि नगर पंचायत की फॉगिंग मशीन आम वार्डों में नजर नहीं आती और उसके इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता नहीं है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
नालियों की सफाई नहीं, बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप
नगरवासियों के अनुसार, कई इलाकों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी जमा है. जगह- जगह कूड़ा- कचरा पड़ा रहने और जलजमाव के कारण मच्छरों के पनपने की स्थिति बनी हुई है. लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते सफाई और फॉगिंग नहीं कराई गई तो मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
फॉगिंग मशीन जनता के लिए है या पदाधिकारियों के लिए
फॉगिंग को लेकर नगरवासियों में खासा आक्रोश है. लोगों का सीधा सवाल है कि यदि नगर पंचायत के पास फॉगिंग मशीन उपलब्ध है तो उसे वार्डवार क्यों नहीं चलाया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि फॉगिंग का वार्डवार रोस्टर सार्वजनिक किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस इलाके में कब फॉगिंग कराई गई.
नगरवासियों ने नालियों की नियमित सफाई, जलजमाव वाले स्थानों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करने और मच्छररोधी अभियान तेज करने की मांग की है.
अब बड़ा सवाल यही है कि नगर पंचायत की फॉगिंग मशीन आखिर कहां है और उसका लाभ आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंच रहा ? बारिश के मौसम में यदि सफाई और फॉगिंग व्यवस्था तत्काल दुरुस्त नहीं की गई तो नगरवासियों की परेशानी और बढ़ सकती है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

