सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम में हाई मास्ट लाइट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है. वार्ड संख्या 1 के पार्षद बनमाली दास ने नगर निगम के मेयर संजय सरदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है. पार्षद का आरोप है कि शुक्रवार को हाई मास्ट लाइट को लेकर हुए विवाद के बाद देर रात उनके घर के बाहर करीब 40 से 50 लोग जमा हुए और गाली-गलौज करते हुए भय का माहौल पैदा करने का प्रयास किया.


बनमाली दास ने आरोप लगाया कि हाई मास्ट लाइट को लेकर हुए विवाद के दौरान मेयर संजय सरदार की ओर से उनके वार्ड में फर्जी वार्ड पार्षद बनाकर एक व्यक्ति को भेजा गया था. इसके बाद मौके पर हंगामा हुआ. उनका कहना है कि इसी विवाद के बाद देर रात बड़ी संख्या में लोग उनके घर के बाहर जमा हो गए.
पार्षद ने आरोप लगाया कि घर के बाहर जमा लोगों ने गाली-गलौज की और उन्हें तथा उनके परिवार को डराने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन थाना से एक भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा. इसके कारण वह पूरी रात अपने परिवार के साथ भय के माहौल में घर के अंदर रहने को मजबूर रहे.
बनमाली दास ने कहा कि उनके घर के बाहर करीब 40 से 50 लोग जमा होकर गाली-गलौज कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त लोग मेयर संजय सरदार के भेजे हुए लोग थे. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
पार्षद ने बताया कि पूरे मामले को लेकर वह पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देंगे. उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
बनमाली दास ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को अपनी जान का खतरा है. उन्होंने आशंका जताई कि उनके साथ कभी भी गंभीर घटना हो सकती है. उन्होंने कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी.
गौरतलब है कि वन विभाग की जमीन पर हाई मास्ट लाइट लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आदित्यपुर नगर निगम की राजनीति में बड़ा टकराव बनता दिखाई दे रहा है. पार्षद की ओर से लगाए गए गंभीर सुरक्षा संबंधी आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है.
हालांकि, पार्षद बनमाली दास की ओर से लगाए गए आरोपों पर मेयर संजय सरदार का पक्ष सामने नहीं आया है. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पार्षद के घर के बाहर जुटी भीड़ कौन थी और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता क्या है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

