सरायकेला/ Pramod Singh जिले में अवैध खनन, भंडारण और खनिजों के अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी, सरायकेला और चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ने 22 जनवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक जिले में अवैध खनन, भंडारण और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान की जानकारी दी. इस दौरान प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुल 24 वाहनों को जब्त किया. इनमें 01 जेसीबी, 13 हाईवा, 02- 407 वाहन और 08 ट्रैक्टर शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान करीब 1,93,200 घनफीट अवैध बालू और 500 घनफीट क्वार्ट्जाइट खनिज भी जब्त किया गया. इस मामले में 03 प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 09 वाहनों से लगभग 3.25 लाख रुपये की दंड राशि वसूली गई.
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले के विभिन्न जीआर स्थलों पर जब्त किए गए करीब 1.55 लाख घनफीट अवैध बालू की ई-ऑक्शन के माध्यम से नीलामी कराई गई, जिससे जिले को करीब 38 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है.
उपायुक्त ने नीलाम किए गए खनिजों के वैध प्रेषण की निगरानी रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर उसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाने और चेक नाका स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हीकरण करने का भी निर्देश दिया.
सभी चेक नाकों पर प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस बल को खनिज परिवहन से जुड़े वाहनों की सघन जांच करने तथा वैध चालान, परमिट और दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है. अवैध खनन या परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
वहीं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत ने निर्देश दिया कि अवैध खनन और परिवहन से संबंधित सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के स्तर पर संयुक्त टीम बनाकर त्वरित छापेमारी की जाए और जब्त वाहनों व आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए.

