सरायकेला/ Pramod Singh भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेत्री मीरा मुंडा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण मिलने से उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और नीति निर्माण अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनेगा.

मीरा मुंडा ने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की मुख्य भागीदार बनाएगा और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला साबित होगा.
उन्होंने बताया कि जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषयों को प्राथमिकता मिलती है. स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण का अनुभव पहले ही महिला नेतृत्व की प्रभावशीलता को साबित कर चुका है.
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना और मुद्रा योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान के जरिए करोड़ों महिलाओं और बच्चों को लाभ मिला है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है. साथ ही स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और लखपति दीदी व नमो ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं उन्हें नई तकनीक और उद्यमिता से जोड़ रही हैं. मीरा मुंडा ने कहा कि उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित की है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने का निर्णायक कदम है. इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

