सरायकेला: जिले में धान बिक्री का भुगतान नहीं मिलने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली. मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य के नेतृत्व में दर्जनों किसान जिला आपूर्ति कार्यालय पहुंचे और फरवरी माह में बेची गई धान की राशि अब तक नहीं मिलने पर विरोध जताया. किसानों ने कहा कि महीनों बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह प्रभावित हो गई है. किसानों का कहना था कि अब खरीफ खेती और धान बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन धान बिक्री की रकम नहीं मिलने के कारण खाद, बीज, जुताई और खेती से जुड़े अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

किसानों ने सरकार और विभाग से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की. किसानों का कहना था कि “धान बेच दिया, अब खेती कैसे करें?” समय पर पैसा नहीं मिलने से उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि करीब 200 किसानों का धान भुगतान अब तक लंबित है. उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में भुगतान में देरी उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है.
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जल्द समाधान निकालने और किसानों के खातों में राशि भेजने की मांग की. उन्होंने कहा कि किसान मेहनत कर धान उपजाते हैं और सरकार को बेचते हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से किसानों का भरोसा टूट रहा है.
वहीं पूरे मामले पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा ने कहा कि 30 मार्च को पोर्टल बंद हो जाने के कारण कुछ किसानों का धान खरीद से संबंधित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया था, जिसकी वजह से भुगतान प्रक्रिया अटक गई.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, सभी लंबित किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा. इसके लिए विभाग लगातार उच्च अधिकारियों और संबंधित विभाग से पत्राचार कर रहा है.
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. किसानों की मांग है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान निकाले, ताकि खेती-किसानी का काम प्रभावित न हो.
Report- Pramod Singh



