इसे अपने सभी मित्रों और परिवार के साथ साझा करें...
सरायकेला: करीब 20 वर्षों से निष्क्रिय पड़े राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को अब नया जीवन मिलने जा रहा है. जिला प्रशासन ने केंद्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है. जल्द ही यहां नियमित प्रशिक्षण शुरू होगा, जिससे नई पीढ़ी को सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ शैली सीखने का अवसर मिलेगा.
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.46.41
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.47.58
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.28
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.29
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.52.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.32 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.33 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.57.33
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.13.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.36.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.37.51
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.38.23
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.39.53
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.41.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.41.22
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.42.40 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.42.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.41 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.42
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 17.44.43 (4)
[smartslider3 slider="7"]
विज्ञापन
गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में कला केंद्र के सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में कला केंद्र के पुनर्गठन, संस्थागत विकास, नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई. इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी, वरिष्ठ छऊ गुरु, कलाकार और कला प्रेमी शामिल हुए.
बैठक में निर्णय लिया गया कि कला केंद्र के रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम दोबारा शुरू किया जाएगा. साथ ही केंद्र के दीर्घकालीन एवं व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक संस्थागत ढांचा भी विकसित किया जाएगा.
अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने कलाकारों को फेलोशिप चयन समिति के गठन, सोसाइटी निबंधन, गवर्निंग बॉडी के गठन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं अन्य स्रोतों से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद कला केंद्र का संचालन और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित होगा.
बैठक में कलाकारों ने नियमित प्रशिक्षण, योग्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना के विकास, कलाकार कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरायकेला छऊ के प्रचार-प्रसार को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. अनुमंडल पदाधिकारी ने इन सुझावों पर गंभीरता से अमल करने का आश्वासन दिया.
नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान और विश्वविख्यात छऊ परंपरा के संरक्षण के लिए कलाकार पिछले दो दशकों से लगातार प्रयासरत रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की पहल से अब कला केंद्र के पुनर्जीवन का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे कलाकारों और नई पीढ़ी दोनों को लाभ मिलेगा.
कलाकारों ने भी उम्मीद जताई कि नियमित प्रशिक्षण शुरू होने से सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी और इसे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी.