सरायकेला:


जेपीएससी, जेएसएससी- सीजीएल तथा उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता पार्टी की सरायकेला- खरसावां जिला इकाई ने शनिवार को समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई.
ज्ञापन में भाजपा ने वर्ष 2019 के बाद आयोजित सभी जेपीएससी, जेएसएससी- सीजीएल एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने, कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे, 14वीं जेपीएससी मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते पर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, आयोग के सदस्यों को बर्खास्त करने तथा उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा में मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई.
हालांकि, जिला स्तरीय कार्यक्रम होने के बावजूद प्रदर्शन में अपेक्षाकृत कम संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की संख्या को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा रही. भाजपा की ओर से उपस्थित लोगों की संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अपेक्षाकृत कम उपस्थिति के पीछे संगठनात्मक तैयारी, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी, युवाओं की मौजूदगी तथा अन्य कारण हो सकते हैं. हालांकि इन कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
प्रदर्शन में पूर्व महापौर विनोद श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश हांसदा, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो, शंभू मंडल, रितिका मुखी, सतीश शर्मा, ललन शुक्ला, कृष्णा प्रधान, मनोहर दास, गुरजीत सिंह, राजकुमार सिंह, विनय कंचन, सावन गुप्ता, गणेश कालिंदी, किशन प्रधान, अमरेश गोस्वामी, सुमन मुखर्जी, माइकल महतो, दीपक डोगरा, राजीव महापात्र, सुमित चौधरी, बिशु महतो सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.
प्रमोद सिंह (संपादक)

